ब्रेकिंग
लखनऊ में पत्रकार सेवा सुरक्षा समिति का पहला स्थापना दिवस, 17 राज्यों के पत्रकारों ने दिखाया एकजुटता ... CG News:- लूट के माल के बंटवारे पर गैंग में घमासान! मारपीट ने खोला पूरा राज, रीवा से आई पिस्टल से लू... छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम, रायपुर-बिलासपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्यपाल करेंगे सम्मानित दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई बाइक; दो नाबालिगों की मौके पर मौत कर्ज वसूली के नाम पर बर्बरता, महिला और बेटे को बंधक बनाकर पीटा; निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने का आरोप नर्मदा में 15 लोगों की जान पर बनी! पेट्रोलिंग बोट का इंजन बंद, तेज बहाव में डूबी नाव भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यम... मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया मैराथन निरीक्षण
छत्तीसगढ़

किसानों के हितों से खिलवाड़ पड़ा भारी, धान खरीदी में दोषी पाए गए दो पटवारी निलंबित

सक्ती  : सक्ती जिले में धान उपार्जन व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। धान खरीदी से जुड़े कार्यों में गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई को किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सर्वोपरि है। किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे शासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

प्रशासनिक जांच में यह सामने आया कि भोथिया धान उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार ने अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर चूक की। टोकन सत्यापन से संबंधित समीक्षा बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहना भी उनके खिलाफ अनुशासनहीनता के रूप में दर्ज किया गया, जिसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

इसी तरह मालखरौदा क्षेत्र की सकर्रा और सोनादुला समितियों में नोडल अधिकारी के रूप में पदस्थ हल्का पटवारी शेरसिंह राठिया के खिलाफ भी शासन के निर्देशों की अवहेलना, भौतिक सत्यापन में लापरवाही और टोकन सत्यापन कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप प्रमाणित हुए।

जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से साफ संदेश दिया है कि धान उपार्जन जैसी संवेदनशील व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई किसानों के हितों के खिलाफ मानी जाएगी। कलेक्टर ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी यदि ऐसी गड़बड़ियां सामने आती हैं, तो दोषियों के विरुद्ध और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button